Saturday, 31 October 2015

फ़र्क

सवाल सही फैसले लेने का नहीं, आत्मा की आवाज़ सुनने का है,
गलत और सही में बस एक यही फ़र्क है,

सवाल आगे बढ़ने का नहीं, अपने समय के इंतज़ार का है,
प्रतिशोध और न्याय में बस एक यही फ़र्क है,

सवाल विचारों का नहीं, उन्हें ना कह पाने की जिज्ञासा का है,
काबिलियत और नीयत में बस एक यही फ़र्क है,

सवाल सामने दिखे मंज़र का नहीं, उसके पीछे की कहानी जानने का है,
मिथ्या और सच्चाई में बस एक यही फ़र्क  है,

सवाल अनसुनी कहानियों का नहीं, दिल की बातों का है,
अंधविश्वास और विश्वास में बस एक यही फ़र्क है,

सवाल पाने या खोने का नहीं, जीने की वजह का है,
मोहब्बत और इबादत में बस एक यही फ़र्क है,

सवाल गलतियों को माफ़ करने का नहीं, उन्हें मान लेने का है,
सज़ा और प्रायश्चित में बस एक यही फ़र्क  है, 

सवाल समय के बदलाव का नहीं, मासूम से सपनों की यादों का है,
कोशिशों और वादों में बस एक यही फ़र्क है,

सवाल साथ रहने का नहीं, साथ चलने का है,
मंज़िलों और रास्तों में बस एक यही फ़र्क  है,

सवाल एक अनकही कहानी का नहीं, जज़्बातों की सच्चाई का है,
ज़िद और जुनून में बस एक यही फ़र्क  है,

सवाल अंतर्मन के झंझावातों से जीतने का नहीं, उनसे जूझकर खुद को ढूंढने का है,
जीत और हार में बस एक यही फ़र्क  है

                                           

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